लगभग सौ शिक्षक-शिक्षिकाओं के ईपीएफ राशि में घोटाला : कबतक इंतज़ार करेंगे बेबस शिक्षक
न्यूज़ डेस्क : मधुबनी
30:08:2026
नियोजित शिक्षकों को विभागीय निर्देश के आलोक में 01 सितम्बर 2020 ई.से ईपीएफ की सुविधा प्रदान की गई । तदनुसार उसी समय से प्रति महीने शिक्षकों के वेतन से 1800/- की वेतन कटौती होने लगी और इतनी ही राशि का अंशदान सरकार द्वारा दिया जाने लगा। किन्तु, नगर पंचायत जयनगर, नगर पंचायत घोघरडीहा एवं तत्कालीन नगर पंचायत (वर्तमान नगर परिषद) झंझारपुर के छह विद्यालयों के लगभग एक सौ शिक्षक-शिक्षिकाओं के वेतन से कटौती की गई छह से आठ महीने तक की ईपीएफ की राशि एवं सरकार द्वारा दिया जानेवाला अंशदान अभी तक खाते में जमा नहीं किया गया है। सितंबर 2020 से फरबरी 2021 - कुल छह महीना एवं जुलाई तथा अगस्त 2021 - कुल दो महीना अर्थात आठ महीनों की वेतन कटौती तथा सरकारी अंशदान की राशि इन शिक्षकों के ईपीएफ खाते में जमा नहीं की गई।
प्रभावित सभी शिक्षक - शिक्षिकाएँ निरंतर अपनी बात वरीय पदाधिकारियों तक पहुँचाने का प्रयास करते रहे, किन्तु परिणाम ढाक के तीन पात । फलतः थक हारकर आशा की एक किरण लिए प्रभावित शिक्षकगण एकबार पुनः डीपीओ स्थापना कार्यालय पहुँचे और अपना दर्द डीपीओ को सुनाया। साथ ही, एक लिखित आवेदन देकर उनसे तत्काल शिक्षकों के हित में कार्रवाई करने का अनुरोध किया है । अब देखना यह है कि सुशासन की सरकार में बच्चों का भविष्य सुधारनेवाले शिक्षकों की बात सुनकर उनके दर्द को कबतक मिटाया जाता है।



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