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Friday, 1 April 2022

कायाकल्प विजेता : एचडब्ल्यूसी कोईलख को मिलेगा 1,00,000 रुपए का पुरस्कार

 कायाकल्प विजेता : एचडब्ल्यूसी कोईलख को मिलेगा 1,00,000 रुपए  का पुरस्कार 






- सिविल सर्जन ने पत्र जारी कर विजेता अस्पतालों की जारी की सूची 

- विजेता अस्पतालों को रोगी कल्याण समिति के खाते के माध्यम से भेजी जाएगी राशि 


मधुबनी , 31 मार्च। कायाकल्प कार्यक्रम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में विजेता अस्पतालों की सूची जारी की गयी है । जिसमें कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत (एक्सटर्नल एसेसमेंट) में प्रथम स्थान तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को पुरस्कृत किया जाएगा। जिसके तहत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कोईलख को 1,00,000 (स्कोर 73.5%) व द्वितीय स्थान अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेवा हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर रामपट्टी ने 25,000 (72.1%स्कोर ) प्राप्त किया है। वहीं, इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य महकमे में खुशी का माहौल है। सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया  जिले के विजेता अस्पतालों को रोगी कल्याण समिति के खाते के माध्यम से पुरस्कृत राशि भेजने का निर्देश दिया गया है। आवंटित राशि का 75% फैसिलिटी डेवलपमेंट में तथा 25% की राशि मानव संसाधन के इंसेंटिव हेतु भुगतान किया जाएगा ।


क्या है कायाकल्प योजना: 

जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ दया शंकर निधि ने बताया कायाकल्प योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि सभी तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं को विशिष्ट मानकों की दिशा में प्रोत्साहित करना, स्वास्थ्य सुविधाएं सहित स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बनाना होता है। सामान्य रूप से विभिन्न अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा मुख्य रूप से तीन तरह की सुख सुविधाओं पर फोकस किया जाता है। जिसमें स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, हॉस्पिटल इंफेक्शन, मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का उत्तम व्यवहार, जिस पर अस्पताल प्रशासन को कार्य करना होता है। सदर अस्पताल, रेफ़रल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कई अन्य अस्पतालों के सभी वार्डों में स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों द्वारा इलाजरत मरीजों या आने वाले अभिभावकों के साथ अच्छा व्यवहार बनाए रखने का भी निर्देश दिया जाता है। इसके साथ ही अस्पताल में इलाजरत मरीजों से मिलने का समय भी निर्धारित किया जाता है। स्वास्थ्य केंद्र में पीने के लिए स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, अस्पताल परिसर में बने शौचालयों को घर जैसी सफ़ाई करने पर विशेष जोर दिया जाता है। योजना के तहत परिसर में छोटा-छोटा पार्क बनाकर उसमें रंग बिरंगे फूल-पौधे एवं औषधीय पौधे लगाकर उन्हें सजाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल में मरीजों को शांत व स्वच्छ वातावरण माहौल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


सभी विजेता स्वास्थ्य संस्थानों की पूरी टीम की सकारात्मक मेहनत का बेहतर नतीजा :

 जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ दयाशंकर निधि  ने सभी विजेता स्वास्थ्य संस्थानों की पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संबंधित सभी स्वास्थ्य स्थानों की पूरी टीम की सकारात्मक मेहनत का बेहतर नतीजा है। जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रबंधन से इसी तरह आगे भी बेहतर परिणाम बनाए रखने की उम्मीद है। यह सभी स्वास्थ्य संस्थानों के  पदाधिकारियों और कर्मियों की मेहनत का परिणाम है। मैं इसके लिए सभी विजेता स्वास्थ्य संस्थानों की पूरी टीम को बधाई देता हूँ.

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