सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत मॉप-अप गतिविधि का आयोजन, दवा खाने से वंचित लोगों के लिए एक और मौका
फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 13 मार्च तक चलेगा विशेष अभियान : छूटे हुए लोगों को खिलाई जाएगी दवा
न्यूज़ डेस्क : मधुबनी
6 मार्च 2026
फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर मधुबनी जिले के शहरी क्षेत्रों में 10 फरवरी से 28 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम चलाया गया। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन कराया गया। जिले में इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने सराहनीय कार्य करते हुए बड़ी संख्या में पात्र व्यक्तियों को अपने समक्ष ही फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर डी.एस.सिंह ने बताया कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए सामूहिक दवा सेवन बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 14 दिनों तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा दवा सेवन कराया गया, वहीं 3 दिनों तक स्कूल बूथ के माध्यम से भी बच्चों एवं अभिभावकों को दवा दी गई। अभियान के दौरान आंगनवाड़ी सेविका तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय रूप से लोगों को जागरूक करते हुए दवा सेवन सुनिश्चित कराने में जुटे रहे। हालांकि अभियान के दौरान कुछ ऐसे क्षेत्र भी सामने आए जहां अब तक शत-प्रतिशत आच्छादन नहीं हो सका है। कई स्थानों पर कुछ लोगों ने दवा सेवन से इनकार किया या किसी कारणवश दवा नहीं ले सके। ऐसे लोगों को अभियान से जोड़ने और शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष मॉप-अप गतिविधि चलाने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह मॉप-अप अभियान 5 मार्च से 13 मार्च तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी पुनः उन क्षेत्रों में जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएंगे, जहां पहले अभियान के दौरान लोग छूट गए थे या दवा लेने से वंचित रह गए थे। साथ ही लोगों को फाइलेरिया के लक्षण, कारण और इससे बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। डॉ सिंह ने बताया कि जिले का आच्छादन आईएचआईपी पोर्टल के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत तक होना चाहिए, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मॉनिटरिंग रिपोर्ट के आधार पर भी यह आंकड़ा 85 प्रतिशत से अधिक होना अनिवार्य है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है ताकि अभियान का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे फाइलेरिया से बचाव के लिए दी जाने वाली दवा का सेवन अवश्य करें और स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें, ताकि जिले को इस बीमारी से मुक्त बनाया जा सके।


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