*8 बिहार बटालियन एनसीसी के दो कैडेटों ने NIMAS दिरांग में 15 दिवसीय पैरामोटर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर रचा नया कीर्तिमान*
न्यूज़ डेस्क : मधुबनी
09:06:2026
दरभंगा : 8 बिहार बटालियन एनसीसी के लिए गर्व का विषय है कि- BR2025SDIA0980253 कैडेट विक्रम जी और BR2025SDIA0980654 कैडेट विपिन कुमार दिरांग में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS), दिरांग में आयोजित 15 दिवसीय पैरामोटर कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण कर सुरक्षित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में अपने यूनिट लौटकर बटालियन का मान बढ़ाया है। यह उपलब्धि न केवल दोनों कैडेटों की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि समस्त एनसीसी परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
प्रशिक्षण के प्रथम चरण में कैडेटों को कठोर शारीरिक प्रशिक्षण (Physical Training) से गुजरना पड़ा। प्रतिदिन सुबह दौड़, सहनशक्ति अभ्यास, संतुलन प्रशिक्षण, पर्वतीय क्षेत्र में ट्रेकिंग तथा विभिन्न शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें मानसिक एवं शारीरिक रूप से मजबूत बनाया गया। प्रशिक्षकों का मुख्य उद्देश्य कैडेटों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना था, जहाँ उन्हें सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण वातावरण में भी आत्मविश्वास के साथ कार्य करना पड़े।
इसके पश्चात कैडेटों को पैरामोटर की संरचना, उसके विभिन्न उपकरणों तथा संचालन से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें इंजन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग, टेक-ऑफ एवं लैंडिंग की प्रक्रिया, मौसम की परिस्थितियों का आकलन तथा उड़ान से जुड़े सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कैडेटों ने पैरामोटर को नियंत्रित करना, संतुलित रखना तथा विभिन्न परिस्थितियों में उसका संचालन करना सीखा।
कोर्स का एक महत्वपूर्ण भाग पर्वतीय क्षेत्रों में स्वयं को अनुकूल एवं फिट बनाए रखने का था। दिरांग का ऊँचाई वाला क्षेत्र और वहाँ की भौगोलिक परिस्थितियाँ सामान्य वातावरण से भिन्न होती हैं। ऐसे में कैडेटों को शारीरिक सहनशक्ति बढ़ाने, मानसिक दृढ़ता विकसित करने तथा कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इससे उनमें आत्मनिर्भरता, धैर्य और नेतृत्व क्षमता का भी विकास हुआ।
प्रशिक्षण के अगले चरण में कैडेटों को पैराग्लाइडर विंग (Para) को नियंत्रित करने, उसकी दिशा बदलने तथा हवा की गति एवं दिशा के अनुसार उसे संचालित करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। यह प्रशिक्षण अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि हवा की बदलती परिस्थितियों के बीच पैराग्लाइडर को नियंत्रित रखना अत्यधिक कौशल और एकाग्रता की मांग करता है। दोनों कैडेटों ने लगातार अभ्यास और समर्पण के बल पर इस कला में दक्षता प्राप्त की।
कोर्स के अंतिम एवं सबसे रोमांचक चरण में कैडेटों ने पैरामोटर के साथ आकाश में उड़ान भरी। यह वह क्षण था जिसके लिए उन्होंने पूरे प्रशिक्षण काल में कठिन परिश्रम किया था। प्रशिक्षकों की निगरानी में दोनों कैडेटों ने स्वयं पैरामोटर को नियंत्रित करते हुए सफल उड़ान भरी और यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन तथा निरंतर अभ्यास के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। खुले आसमान में आत्मविश्वास के साथ उड़ान भरना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया।
8 बिहार बटालियन एनसीसी दोनों कैडेटों की इस उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान करती है। मात्र 15 दिनों की अवधि में पैरामोटर जैसे चुनौतीपूर्ण एडवेंचर स्पोर्ट्स को सीखना, उसे स्वयं नियंत्रित करना तथा सफलतापूर्वक आकाश में उड़ान भरना उनकी असाधारण मेहनत, समर्पण, साहस और लगन का प्रमाण है।
बटालियन इन दोनों कैडेटों के अथक प्रयासों को सलाम करती है, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हों, तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
उनकी यह उपलब्धि अन्य एनसीसी कैडेटों को भी बड़े सपने देखने, चुनौतियों को स्वीकार करने तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में स्वयं को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।






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