डॉ. महेंद्र नाथ झा लिखित मैथिली पुस्तक "मंत्र" का हुआ लोकार्पण
न्यूज़ डेस्क : मधुबनी
22:06:2026
मधुबनी : जिला मुख्यालय स्थित कुलशील के तत्वावधान में सोमवार को मैथिली पुस्तक लोकार्पण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। मैथिली पुस्तक मंत्र का लोकार्पण कार्यक्रम में शहर के गणमान्य लब्ध प्रतिष्ठित विद्वानों सहित अन्य कई विशिष्ट व्यक्तियों ने हिस्सा लिया. साहित्य अकादमी से पुरस्कृत डॉ. अजीत आजाद, साहित्यकार लंबोदर झा,संपादक पारस कुमार सिंह झा,प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल, डॉ. इंद्रमोहन झा, डॉ. विनय विश्वबंधु, पत्रकार उदय कुमार झा, कमलेश झा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने मैथिली पुस्तक 'मंत्र' का लोकार्पण किया। दरभंगा जिला के उजान ग्राम निवासी डॉ. महेंद्र नाथ झा लिखित मंत्र पुस्तक में समाहित मैथिली कथा सहित अन्य विधाओं के रचनाओं का विशिष्ट समागम दर्शाया गया है। नवारंभ प्रकाशन से प्रकाशित इस पुस्तक में मंगलाचरण से शुरू होकर अंत तक लेखक की लेखनी क्षमता सुधी पाठक को बांधे रखने में कामयाबी दर्शाता है. पुस्तक की विशेषता है कि सटीक शब्द गुण शैली के साथ संपन्न अंतिम पन्ना तक अक्षर- अक्षर अमृत समान द्रष्टव्य होता है. मैथिली पुस्तक मंत्र का लोकार्पण समारोह के अवसर पर भगवती वंदना व दीप प्रज्वलन के बाद पुस्तक की उपादेयता पर वक्ताओं ने अपना मंतव्य प्रस्तुत किया. पुष्पांजलि के संपादक पारस कुमार सिंह झा ने विषय प्रवेश कराते बताया कि वर्तमान परिपेक्ष्य में मैथिली कथा साहित्य लेखन दुर्गम काम है. डॉ. महेंद्र नाथ झा कि इस पुस्तक में सात अध्याय व तीन परिशिष्ट के रूप में मैथिली आख्यान परक कथानकों का प्रस्तुतीकरण किया गया है. मंत्र पुस्तक की विशेषता को दर्शाता है. इस मौके पर अजीत आजाद ने कहा कि मैथिली भाषा साहित्य के समग्र विकास को नवोदित एवं स्थापित लेखक तत्पर दिख रहे हैं. खासकर केंद्र सरकार मैथिली भाषा साहित्य के संरक्षण संवर्धन के लिए काफी प्रयत्नशील है. जिसका कई उदाहरण देखने को मिलता है. मंत्र पुस्तक पर अपना मंतव्य देते अजीत आजाद ने बताया कि यह कथा संग्रह निश्चित यशस्वी होगा. उन्होंने कहा कि नवोदित व अर्वाचीन लेखक आगे आएं।
पुस्तक के संदर्भ में डॉ. विनय विश्वबंधु ने बताया कि मैथिली कथा साहित्य क्रमशः आगे की ओर बढ़ रहा है। इस अवसर पर डॉक्टर इंद्र मोहन झा ने कहा कि मधुबनी जिला मध्य नवारम्भ प्रकाशन की उपलब्धि अग्रसर है। साल भर के अंदर चार सौ से अधिक पुस्तक छापकर प्रबंधन ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके लिए अजीत आजाद धन्यवाद के पात्र हैं।अवसर पर लंबोदर झा ने कहा मंत्र पुस्तक की कथा में अंत तक सुधी पाठकों को समेटने की क्षमता है। ग्रामीण चिकित्सक पद पर कार्य करते हुए डॉ. महेंद्र नाथ झा का शुरू से साहित्य में रुचि रहा। तत्कालीन मिथिला मिहिर पत्रिका में इनका आलेख व कथा प्रकाशित हुआ करता था.करीब अस्सी वर्षीय डा महेंद्र नाथ झा की लेखनी ऐसे ही यशस्वी बनी रहे। कार्यक्रम को डॉ शुभ कुमार बरनवाल, कार्तिक कुमार, कुंजन कुमार पुट्टी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन लंबोदर झा ने दिया। मौके पर अस्मित अनंत, मृदुल श्री, मान्या श्री, बनारसी उपस्थित रहे। डॉ महेंद्र नाथ झा के यशस्वी पुत्र शंकर कुमार बबलू के संयोजन एवं कार्तिक कुमार के आयोजन में पुस्तक लोकार्पण समारोह की चहुंओर साहित्यकारों ने सराहना किया है।


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