दरभंगा राज परिवार चाहे, तो इंटैक तकनीकी सहयोग देने के लिए तैयार है : अशोक सिंह ठाकुर
न्यूज़ डेस्क : मधुबनी
22:06:2026
दरभंगा : धरोहर संरक्षण के क्षेत्र में भारत की अग्रणी संस्था इंटैक (Indian National Trust for Art and Cultural Heritage) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सोमवार को दरभंगा में एक विरासत यात्रा (Heritage Walk) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इंटैक, बिहार चैप्टर के संयोजक भैरव लाल दास, सह-संयोजक डॉ शिव कुमार मिश्र, इंटैक दरभंगा चैप्टर के संयोजक डॉ सुशांत कुमार, सह संयोजक डॉ अयोध्या नाथ झा के साथ इंटैक, दरभंगा चैप्टर के सदस्यों में डॉ अवनींद्र कुमार झा, डॉ गितेन्द्र ठाकुर, मुरारी कुमार झा आदि सदस्य उपस्थित थे।
विरासत यात्रा के दौरान ऐतिहासिक राज दरभंगा परिसर के अंतर्गत स्थित विभिन्न ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का भ्रमण एवं अवलोकन किया गया। इस क्रम में मोती महल परिसर, मनोकामना मंदिर, नरगौना रेलवे टर्मिनल, नरगौना पैलेस, राम मंदिर, लक्ष्मीश्वर विलास पैलेस, दरभंगा राज का प्रशासनिक भवन, यूरोपियन गेस्ट हाउस, कंकाली मंदिर, राज दरभंगा का पारिवारिक गोसाउनि घर, राज किला तथा इंद्र भवन सहित अनेक ऐतिहासिक संरचनाओं, तालाबों, तालपत्र एवं भोजपत्र तथा सूख चुके शाखाइ तार एवं भद्राक्ष जैसे दुर्लभ वृक्षों का अवलोकन किया गया।
भ्रमण के दौरान इंटैक के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जहां एक ओर राज दरभंगा की भव्य स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत को देखकर अभिभूत हुए, वहीं दूसरी ओर अनेक ऐतिहासिक भवनों और धरोहरों की तेजी से हो रही क्षरण एवं उपेक्षा को देखकर गहरी चिंता भी व्यक्त की। इस पर इंटैक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर ने कहा कि—
"राज दरभंगा परिसर में मौजूद विरासत भवनों के संरक्षण की आवश्यकता है। यदि दरभंगा राज परिवार चाहे, तो इंटैक इन धरोहरों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान करने को तैयार है।"
विरासत यात्रा के उपरांत सभी अतिथि एवं सदस्य लक्ष्मीेश्वर सार्वजनिक पुस्तकालय पहुँचे, जहाँ पुस्तकालय के सचिव डॉ तरुण कुमार मिश्र के द्वारा पुस्तकालय में संग्रहित दुर्लभ एवं ऐतिहासिक पुस्तकों का अवलोकन कराया गया। इसके पश्चात इंटैक, दरभंगा चैप्टर के सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी कार्ययोजनाओं, धरोहर संरक्षण गतिविधियों, जन-जागरूकता अभियानों तथा स्थानीय विरासतों के प्रलेखन एवं संरक्षण के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा इंटैक, दरभंगा चैप्टर को भविष्य की गतिविधियों के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि दरभंगा एवं संपूर्ण मिथिला क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पुरातात्त्विक तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय प्रशासन और विरासत के वर्तमान स्वामियों के मध्य समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। उपस्थित सदस्यों ने राज दरभंगा परिसर सहित मिथिला की अन्य महत्वपूर्ण धरोहरों के संरक्षण, प्रलेखन और जन-जागरूकता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।




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