Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

सोमवार, 14 सितंबर 2026

आँगनबाड़ी केन्द्र हेतु भूदान करने के लिए भूस्वामी तैयार : पंचायत स्तर पर नहीं बढ़ रहा काम

 आँगनबाड़ी केन्द्र हेतु भूदान करने के लिए भूस्वामी तैयार, किन्तु आगे नहीं बढ़ा काम 




रिपोर्ट : उदय कुमार झा 

मधुबनी : 14:09:2026



पंडौल : जदयू के श्रम एवं तकनीकी प्रकोष्ठ, बिहार के उपाध्यक्ष मोहित कुमार मंडल, जो मधुबनी ज़िला के पंडौल अंचल अंतर्गत सरिसब-पाही (पश्चिमी)के नवटोल गाँव निवासी हैँ, ने अपने गाँव में वार्ड नंबर -04 अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र संख्या 118 के भवन निर्माण हेतु निजी ज़मीन (खाता - 366/702, खेसरा - 3656पुराना 1943,1955 नया, रकबा - 04 डिसमिल) बाल विकास परियोजना के लिए निःशुल्क दान देने हेतु आवेदन 29:06:2024 को तत्कालीन सीडीपीओ को दिया और यह निवेदन किया कि निबंधन शुल्क माफ करवाया जाए । इस संबंध में भूस्वामी की शिकायत है कि राजस्व कर्मचारी ने बिना जाँच किए ही ऊपर प्रतिवेदित कर दिया कि उक्त ज़मीन इस भूस्वामी की नहीं है। 


      आंगनबाड़ी केन्द्र की लचर स्थिति देखते हुए गरीब बच्चों के हित में नए भवन की स्थापना हेतु लालायित भूस्वामी एवं सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेता श्री मंडल पिछले दो सालों से बार-बार प्रयास करते रहे, किन्तु बात पंचायत स्तर से आगे नहीं बढ़ी। हाल में बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा जनहित में शुरू किए गए सहयोग पोर्टल पर मोहित कुमार मंडल ने शिकायत दर्ज़ करवा दी - Registration No.REF780275, Date - 29/08/2026 । इसके बाद जदयू के इस वरिष्ठ नेता ने पंडौल की अंचलाधिकारी से इस मुद्दे पर भेंट की तो अंचलाधिकारी ने उनकी पहल का स्वागत किया और राजस्व कर्मचारी को इस संबंध में काम आगे बढ़ाने को आदेशित किया। मोहित कुमार मंडल ने जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत में कुछ ऐसे जनप्रतिनिधि हैँ जो नहीं चाहते कि समाजोपयोगी यह काम हो और उनलोगों के प्रभाव में आकर  सरकारी कर्मी काम को लटकाए रखना चाहते हैँ।  कुछ ही दिनों पहले मधुबनी के युवा एवं तेज़ तर्रार डीएम आनन्द शर्मा ने सरकारी काम हेतु और समाजहित में भूस्वामियों से यथासंभव भूदान करने की अपील मीडिया के माध्यम से किया था। इस सन्दर्भ में जदयू नेता ने कहा कि ज़ब मैं स्वयं आगे बढ़कर दो साल पहले से भूदान हेतु प्रयास कर रहा हूँ, तो डीएम को ऐसे मामलों में काम अटकाने वाले कर्मचारियों को पहचानकर उनपर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। 

 अब यह गंभीर प्रश्न उठता है कि  ग्राम पंचायतराज स्तर के कर्मी ज़ब सत्ताधारी दल के नेताओं को भी उचित काम के लिए नहीं बख्शते हैँ तो आम लोगों के दैनन्दिन जीवन के कामों को कितनी गंभीरता से लेते होंगे ? जरूरत इस बात की है कि वरीय पदाधिकारीगण अपने कनिष्ठ पदाधिकारी एवं कर्मियों पर गंभीर नज़र रखें ताकि सरकारी एवं आमजन के हित में होनेवाले कामों के निष्पादन में देर न हो।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Top Ad

Your Ad Spot
cuet.nta.nic.in पर जारी होने वाला है सीयूईटी रिजल्ट, यहां मिलेगा स्कोर कार्ड