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Tuesday, 19 April 2022

कोरोना के नए वेरिएंट डेल्टाक्रोन को लेकर स्वास्थ विभाग अलर्ट

 कोरोना के नए वेरिएंट डेल्टाक्रोन को लेकर स्वास्थ विभाग अलर्ट



•सदर अस्पताल अनुमंडलीय अस्पताल, पीएचसी में जांच बढ़ाने के निर्देश

•कोविड केयर सेंटर को सुचारू रूप से चलाने का निर्देश

•टीकाकरण के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान

•ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था: सिविल सर्जन


 मधुबनी,19 अप्रैल । देश में एक बार फिर कोविड -19 के मामले बढ़ने लगे हैं। जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले लगभग 2 सालों से लगातार कोविड -19 के नए-नए वैरिएंट सामने आ रहे हैं। हालांकि इस नए वैरिएंट का एक भी मामला अभी तक बिहार के किसी भी जिले में नहीं पाया गया है। जैसे-जैसे कोरोना के प्रतिबंध हट रहे थे, माना जा रहा था कि कोरोना महामारी खत्म हो गई है। लेकिन हाल ही में जानकारी सामने आई है कि कोरोना का एक ओर नया वैरिएंट सामने आया है, जो चौथी लहर  का कारण बन सकता है। कोविड-19 के इस नए वैरिएंट का नाम डेल्टाक्रॉन है, जो ओमीक्रोन और डेल्टा के जुड़ने से तैयार हुआ है। इस वैरिएंट की पहचान भारत में हो चुकी है। इस नए वेरिएंटकी पहचान अबतक 7 राज्यों कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली में की गयी है। ऐसे में यह नया वैरिएंट डेल्टाक्रॉन कितना खतरनाक है और इसके लक्षण क्या हैं, इस बारे में विस्तृत जानकारी अभी तक नहीं है। लेकिन वैज्ञानिक अभी भी इसकी निगरानी कर रहे और इसके लक्षणों के बारे में खोज कर रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया वर्तमान में कोविड के मामले को कम होते देखते हुए कोविड- केयर सेंटर को बंद कर दिया गया था। पुनः सुचारू रूप से चलाने का निर्देश दिया गया है। वहीं बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, पीएचसी, सीएससी पर जांच व टीकाकरण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जिन्होंने अभी तक बूस्टर डोज नहीं ली है जरूर ले लें। ताकि संभावित खतरों से  बचा जा सके । उन्होंने बताया जिले में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।


स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क-

कोरोना के मामलों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। कोविड केयर सेंटर में संभावित संक्रमित मरीजों के लिये बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिये तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है। इसे लेकर कोरोना वार्ड को दुरुस्त किया जा रहा है। वार्ड में मरीजों के लिये बेड की व्यवस्था की गयी है। वहीं गंभीर मरीजों के लिये आईसीयू तैयार किया गया है। इसमें मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जायेगी।


जिले में प्रतिदिन 1000 आरटीपीसीआर  जांच की छमता :

 सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया वर्तमान में कोविड केयर सेंटर रामपट्टी में स्थित आरटीपीसीआर लैब में 1 दिन में 1000 लोगों के कोरोना संक्रमण की जांच की क्षमता है। वहीं इसके अलावा मधुबनी मेडिकल कॉलेज में भी आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर सैंपल को दरभंगा वह पटना भी भेजा जा सकता है।


24 घंटे चिकित्सकों की होगी प्रतिनियुक्ति-

सिविल सर्जन डॉ  झा के निर्देश से कोरोना मरीजों के आगमन से पूर्व आइसोलेशन वार्ड में 24 घंटे चिकित्सक व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जायगी। ताकि किसी भी समय कोरोना मरीजों के आने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करायी जा सके। इसे लेकर डॉक्टर व कर्मियों को विशेष रूप से निर्देश दिये गये हैँ।


ऑक्सीजन की नहीं होगी कमी-

सिविल सर्जन डॉ  झा ने बताया  संक्रमित मरीजों की बेहतर चिकित्सा के लिये अस्पताल प्रशासन की ओर से बेहतर प्रयास किया गया है। विभाग की ओर से ऑक्सीजन प्लांट ,पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर एवं कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। अब मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ने पर परेशानी नहीं होगी। इससे गंभीर संक्रमित मरीजों के मृत्यु दर में भी कमी आने की पूरी संभावना है।


जिले में 5 ऑक्सीजन प्लांट सुचारू रूप से संचालित-

 जिले में 5 ऑक्सीजन प्लांट चालू अवस्था में है। जिसमें मधुबनी सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में 1000, अनुमंडलीय अस्पताल जयनगर में 500, अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास में डॉक्टर फोर यू द्वारा संचालित प्लांट में 500, झंझारपुर में मिथिला सहकारी दुग्ध  द्वारा संचालित प्लांट में 400,  अररिया संग्राम ट्रामा सेंटर में मेगा इंटरप्राइजेज द्वारा संचालित 300 लीटर प्रति मिनट की छमता का ऑक्सीजन प्लांट संचालित है।



जिले में अब तक 48.07 लाख लोगों का हुआ टीकाकरण:


जिले में अब तक 38 लाख 07 हजार 872 लोगों का टीकाकरण किया गया है. जिसमें 27,13,837 लोगों को प्रथम डोज व 20,26,412 लोगों को दूसरा डोज दिया गया है.व 33827 लोगों को प्रिकॉशन डोज दिया गया है जिसमें 26,43,425 महिला एवं 20,99,707 पुरुष को टीकाकृत किया गया है. टीका लेने वाले में 38,45,970 लोगों को कोविशील्ड एवं कोवैक्सीन 8,94,820 डोज दिया गया है. कोरबेवैक्स 67,082 लोगों को वही 12 से 14 वर्ष के 67,082, 15 से 17 वर्ष के 2,78,010, 18 से 44 उम्र के 26,96,329 लोगों, 45 से 60 वर्ष के 9,21,725 लोगों तथा 60 वर्ष से ऊपर के 8,44,726 लोगों को टीका लगाया गया है।


- इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर : 

- मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।

- विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।

- साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।

- नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं। 

- अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें.

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