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रविवार, 28 दिसंबर 2025

मामा ने करवाई अपने भांजे की हत्या : शव को तीन टुकड़ों में तीन जगहों पर फेंका

 मामा ने करवाई अपने भांजे की हत्या : लाश को तीन टुकड़ों में तीन जगहों पर फेंका 




न्यूज़ डेस्क : मधुबनी 

28:12:2025



भागलपुर : लगता है कि कलियुग अब अपने चरम पर पहुँचने लगा है ज़ब सगे-संबंधी ही एक दूसरे की हत्या करवाने लगे हैं । एक ऐसा ही लोमहर्षक मामला भागलपुर से सामने आया है । 

  साइबर फ़्रॉड का काम कर रहे मामा संतोष ने पहले अपने भांजे अभिषेक को अपने साथ काम में लगाया। दोनों मिलकर साइबर फ़्रॉड का काम करने लगे । मामा का चक्कर कई लड़कियों से भी चल रहा था । भांजा यह बात जान गया । इस बात की जानकारी मामा को हो गई । अब मामा के दिमाग़ में यह सन्देह भी उपज गया कि क्या भांजा अकेले -अकेले तो नहीं साइबर फ़्रॉड का काम करके चुपचाप रुपया कमा रहा है। इस बात की शंका होते ही मामा संतोष कुमार ने तीन अपराधियों - ऋतिक कुमार उर्फ़ रितेश, राधे कुमार मंडल एवं आयुष प्रताप (तीनों निवासी- नाथनगर थानाक्षेत्र, भागलपुर) को भांजे अभिषेक को मारने के लिए कह दिया। राधे कुमार मंडल को दो लाख रूपये की सुपारी दी गई और दस हज़ार रूपये राधे को मिल भी चुका था। सुपारी मिलने के बाद आरी पत्ती और हक्सा ब्लेड नाथनगर बाजार से खरीदा गया। इन तीनों अभियुक्तों ने मिलकर अभिषेक के पैर, धड़ और गर्दन को तीन टुकड़ों में काट दिया और तीन अलग अलग बोरों में भरकर एक ही तालाब के पानी में तीन अलग अलग जगहों पर फेंक दिया। ज़ब मामा संतोष कुमार को यह विश्वास हो गया कि भांजा अब मर चुका है तो उसने थाना नाथनगर में अपने भांजे के गायब होने की लिखित शिकायत दर्ज़ करवाई। लिखित आवेदन के आधार पर कांड संख्या - 407/25, दिनांक 26-12-2025 दर्ज़ की गई । तत्पश्चात सीनियर एसपी के निर्देश पर सिटी एसपी एवं एसडीपीओ नगर -02 के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया, जिसमें पुनि रणजीत कुमार  (डीआइयू), नाथनगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन, ललमटिया थानाध्यक्ष दीपक पासवान, नाथनगर थाना के पुअनि जितेंद्र कुमार शर्मा,  सअनि विनय कुमार सिंह, सिपाही अजीत कुमार एवं सुनील कुमार चौबे (थाना-नाथनगर) शामिल किए । विभिन्न तकनीकी एवं अन्य सबूतों के आधार पर ज़ब ऋतिक, राधे एवं आयुष को पुलिस ने गिरफ्त में लिया, तब उनलोगों ने बताया कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे मृतक के मामा संतोष कुमार का ही हाथ है। तब इन्हीं तीनों अपराधियों की निशानदेही पर संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया और विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है । गौरतलब है कि जिस मामा ने भांजे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज़ करवाई थी, वही निकला मास्टरमाइंड। मामा संतोष कुमार साइबर फ़्रॉड के मामले में इससे पहले भी दिल्ली पुलिस द्वारा जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद वह फिर अपने पुराने धंधे में सक्रिय हो गया था । साथ ही, कई लड़कियों एवं महिलाओं से उसके सम्पर्क थे और वह काफ़ी रंगीन मिज़ाज इंसान था। 

   इस घटना ने नाथनगर थानाक्षेत्र के निवासियों को झकझोर दिया था जिसका भागलपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को यथाशीघ्र पकडकर कानूनी शिकंजे में जकड़ चुकी है। आज प्रेस कांफ्रेंस में सीनियर एसपी ने इस पूरी वारदात का पूरा खुलासा किया।

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