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शुक्रवार, 9 जनवरी 2026

सदर अस्पताल मधुबनी में राज्य स्तरीय टीम की जाँच : खामियाँ सुधारने के निर्देश

 .....कायाकल्प योजना के तहत सख्त निरीक्षण

....अस्पतालों की स्वच्छता और सेवाओं पर कड़ी नजर

 *सदर अस्पताल मधुबनी में राज्य स्तरीय टीम की जांच, खामियां सुधारने के निर्देश* 





सिटी रिपोर्टर : मधुबनी



सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की कायाकल्प योजना के तहत सोमवार को सदर अस्पताल मधुबनी का राज्य स्तरीय निरीक्षण किया गया। 

इस दौरान दो सदस्यीय टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का गहन मूल्यांकन किया।

इमरजेंसी से ओपीडी तक हर वार्ड का बारीकी से निरीक्षण

राज्य स्तरीय टीम में डॉ. प्रमोद कुमार (असिस्टेंट डायरेक्टर, विप्स) एवं जपाईगो संस्था के सनोवर जॉन शामिल थे। टीम ने इमरजेंसी वार्ड, प्रसव कक्ष, एसएनसीयू, दवा भंडार, ओपीडी सहित विभिन्न विभागों में स्वच्छता, रख-रखाव, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और मरीजों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन जांच की।

तीन चरणों में होता है कायाकल्प मूल्यांकन

अधिकारियों ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों का मूल्यांकन तीन चरणों—आंतरिक मूल्यांकन, पीयर असेसमेंट और राज्य स्तरीय मूल्यांकन—में किया जाता है। राज्य स्तरीय मूल्यांकन में शामिल होने के लिए अस्पताल को न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाते हैं।

 *स्वच्छता और मरीजों से व्यवहार पर अलर्ट* 

डीसीक्यूए रवि चौधरी ने कहा कि कायाकल्प योजना का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और मरीजों के अनुकूल बनाना है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन को स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट तथा मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अनुशासित वातावरण पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की नियमित सफाई और शांत वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। मरीजों से मिलने के लिए निर्धारित समय का पालन कराने पर भी बल दिया गया, ताकि अस्पताल में अनुशासन बना रहे।

 *स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार* 

जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निरंतर सुधार हो रहा है। प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और जटिल मामलों का भी सुरक्षित प्रबंधन किया जा रहा है।

अधिकारी और कर्मी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद, डीसीक्यूए रवि चौधरी, पिरामल के महेंद्र सिंह सोलंकी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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