“बाल हृदय योजना”
नन्हे दिलों को मिला नया जीवन, उम्मीदों ने फिर ली धड़कन
सिटी रिपोर्टर : मधुबनी
मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना एक बार फिर नन्ही जिंदगियों के लिए जीवनदान बनकर सामने आई है। जिले के दो मासूम बच्चे — दिव्याशा कुमारी और मोहम्मद मुस्तकीम — जिनके दिल में जन्म से छेद था, अब स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों को बेहतर इलाज के लिए सत्य साईं अस्पताल, अहमदाबाद भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा।
दिव्याशा कुमारी (पिता: विक्की कुमार साह), हरलाखी प्रखंड के ग्राम खिरहर की रहने वाली हैं, जबकि मोहम्मद मुस्तकीम (पिता: नसीम) पंडौल प्रखंड के बख्खो गांव से हैं। इलाज की खबर मिलते ही परिवारों की आंखों में खुशी और राहत के आंसू छलक उठे।
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एएनएम की टीमें स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की नियमित जांच कर जन्मजात बीमारियों की पहचान करती हैं।
अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 तक मधुबनी जिले के 130 से अधिक बच्चों के दिल का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है। यह योजना उन गरीब और असहाय परिवारों के लिए वरदान है, जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते।
जिला समन्वयक डॉ. दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को समय पर इलाज देकर उसे स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना है। यह योजना सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि आशा, भरोसे और जीवन की नई शुरुआत है।
फोटो कैप्शन: मधु मोटो 3
बाल हृदय योजना के तहत इलाज के लिए अहमदाबाद रवाना किए गए दिल में छेद से पीड़ित मासूम बच्चे, जिनके चेहरों पर अब मुस्कान और परिवारों की आंखों में उम्मीद।


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