जीवनदीप मेंटरशिप कार्यक्रम के तहत 25 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ
नवजात शिशु देखभाल की गुणवत्ता सुधार को लेकर एसएनसीयू : सदर अस्पताल मधुबनी में प्रशिक्षण शुरू
न्यूज़ डेस्क : मधुबनी
16 फरवरी 2026
सदर अस्पताल मधुबनी के एसएनसीयू में आज से जीवनदीप मेंटरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत 25 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन फीता काटकर वरिष्ठ चिकित्सकों एवं अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
नवजात स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में पहल:
इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं की देखभाल में कार्यरत चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक कौशल तथा सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नवजात शिशु उपचार, आपातकालीन प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता सुधार, एवं नवजात पुनर्जीवन जैसे विषयों पर चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि जीवनदीप मेंटरशिप कार्यक्रम, नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक सार्थक और दीर्घकालिक पहल है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य कौशल में वृद्धि होगी और एसएनसीयू में नवजातों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
सेवाओं की गुणवत्ता में आएगा सुधार:
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विवेकानंद पॉल, डॉ. सुमन मिश्रा, डॉ. रागिनी, और डॉ. अरविंद कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से न केवल तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान होगा, बल्कि टीम भावना और जिम्मेदारी की समझ भी विकसित होगी। उन्होंने कहा कि नवजात देखभाल की गुणवत्ता में सुधार से शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन, हेल्थ मैनेजर अब्दुल मजीद, सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग अस्पताल की सेवाओं में झलकेगा और मधुबनी जिले के नवजात शिशुओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।


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