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सोमवार, 16 मार्च 2026

कालाज़ार नियंत्रण को प्रथम चक्र छिड़काव कार्यक्रम की शुरुआत

 कालाजार नियंत्रण को प्रथम चक्र छिड़काव कार्यक्रम की शुरुआत



मधुबनी, 16 मार्च।

जिले में कालाजार रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रथम चक्र के अंतर्गत इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (आईआरएस) छिड़काव कार्यक्रम की शुरुआत 16 मार्च से कर दी गई है। इस अभियान के तहत वर्ष 2025 में प्रतिवेदित कालाजार मरीजों के आधार पर चयनित गांवों में विशेष रूप से दवा का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि रोग फैलाने वाले बालू मक्खी (सैंड फ्लाई) को नष्ट किया जा सके। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ.डी.एस. सिंह ने बताया जिले के पांच प्रखंडों—कलुआही, बासोपट्टी, झंझारपुर, घोघरडीहा और मधेपुर—के एक-एक चिन्हित गांव में प्रथम चरण के तहत छिड़काव कार्य कराया जा रहा है। इन गांवों का चयन वर्ष 2025 में सामने आए कालाजार के मरीजों के आधार पर किया गया है, ताकि संभावित संक्रमण के स्रोत को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।


सैंड फ्लाई के काटने से फैलता है कालाजार:

डॉ सिंह ने बताया कि कालाजार एक गंभीर परंतु नियंत्रित किया जा सकने वाला रोग है, जो मुख्य रूप से सैंड फ्लाई के काटने से फैलता है। इस रोग की रोकथाम के लिए घरों के अंदर दीवारों और कोनों में दवा का छिड़काव किया जाता है, जिससे सैंड फ्लाई नष्ट हो जाती है और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि छिड़काव अभियान के दौरान प्रशिक्षित कर्मियों की टीम घर-घर जाकर दवा का छिड़काव कर रही है।


छिड़काव के दौरान घर के कमरे खुले रखें और टीम को दें सहयोग : भीडीसीओ


भीडीसीओ पुरुषोत्तम कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि छिड़काव के दौरान घर के सभी कमरों को खुला रखें और टीम को सहयोग करें। छिड़काव के बाद कम से कम कुछ घंटों तक दीवारों को न छुएं और न ही उन्हें धोएं, ताकि दवा का प्रभाव बना रहे। इसके साथ ही लोगों को अपने घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और नमी वाले स्थानों को कम करने की सलाह दी गई है, क्योंकि ऐसे स्थानों पर सैंड फ्लाई के पनपने की संभावना अधिक रहती है।


कालाजार नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से की सहयोग की अपील:

डॉक्टर सिंह ने बताया कि कालाजार उन्मूलन को लेकर जिले में लगातार निगरानी और नियंत्रण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। समय पर पहचान, उपचार और छिड़काव जैसे उपायों से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, वजन कम होना या शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं, ताकि समय रहते उपचार संभव हो सके।

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