महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु “सखी वार्ता” कार्यक्रम का आयोजन
न्यूज़ डेस्क : मधुबनी
मधुबनी : 02 जून 2026
महिला एवं बाल विकास निगम, मधुबनी के तत्वावधान में आज दिनांक 02 जून 2026 को बेनीपट्टी प्रखंड अंतर्गत मिथिला जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, बेनीपट्टी के कार्यालय परिसर में “सखी वार्ता” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय सशक्तिकरण तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में जिला स्तर पर संचालित वन स्टॉप सेंटर (OSC), जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW), मधुबनी तथा जीविका के दीदी अधिकार केंद्र के कर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही। साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं, किशोरियों, युवाओं एवं पुरुषों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम के दौरान जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW), मधुबनी के लैंगिक विशेषज्ञ श्री शिवराम मेहरा ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण में लैंगिक समानता की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिला सशक्तिकरण कार्यालय की गतिविधियों, पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाने वाले “सहयोग शिविर” तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं एवं किशोरियों के लिए संचालित विभिन्न सहायता एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं एवं पात्रता संबंधी जानकारी भी दी।
वन स्टॉप सेंटर, मधुबनी की केस वर्कर श्रीमती वीणा चौधरी ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव एवं महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता सेवाओं, कानूनी परामर्श, मनोसामाजिक सहयोग, आश्रय एवं आपातकालीन सहायता के बारे में जानकारी देते हुए महिला हेल्पलाइन एवं विभिन्न विभागों के टोल-फ्री नंबरों की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला।
वहीं DHEW की वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ श्रीमती पूनम कुमारी ने महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं वित्तीय साक्षरता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को बचत, बैंकिंग सेवाओं के उपयोग, सरकारी वित्तीय योजनाओं एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं किशोरियों ने खुलकर अपने अनुभव, समस्याएँ एवं सुझाव साझा किए। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला एवं महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
“सखी वार्ता” कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं, किशोरियों एवं समुदाय के अन्य सदस्यों के बीच जागरूकता बढ़ाने, उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी एवं सकारात्मक संदेश दिया।



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