राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर बिहार ग्रामीण बैंक का प्रचार रथ रवाना
12 सितंबर 2026 को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत; 5,100 से अधिक ऋण बकाएदारों को भेजा गया नोटिस
न्यूज़ डेस्क : मधुबनी
झंझारपुर : 03:09:2026
आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर 2026 को किया जाना है। लंबित बैंक ऋण मामलों के सुलह एवं समझौते के माध्यम से त्वरित समाधान तथा आमजन को लोक अदालत के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिहार ग्रामीण बैंक के प्रचार रथ को झंझारपुर व्यवहार न्यायालय परिसर से लोक अदालत के सचिव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री प्रशांत गौतम, वरिष्ठ प्रबंधक श्री सुमन झा एवं जिला सर्टिफिकेट केस पदाधिकारी श्री अविनाश झा सहित न्यायालय कर्मी एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में चलेगा जागरूकता अभियान
प्रचार रथ के माध्यम से क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजन को 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में जागरूक किया जाएगा। लाउडस्पीकर एवं प्रचार सामग्री से सुसज्जित यह रथ लोगों को लोक अदालत के माध्यम से अपने लंबित ऋण मामलों का सरल, त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान कराने के लिए प्रेरित करेगा।
5,100 से अधिक ऋण बकाएदारों को नोटिस
बिहार ग्रामीण बैंक द्वारा क्षेत्र के 5,100 से अधिक ऋण बकाएदारों को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने ऋण मामलों के सुलह-समझौते के लिए नोटिस निर्गत किए गए हैं।
लोक अदालत के माध्यम से समझौता करने वाले पात्र ऋणधारकों को बैंक की प्रचलित नीति एवं पात्रता के अनुसार ब्याज एवं बकाया राशि में आकर्षक छूट का लाभ दिया जा सकता है। इसका उद्देश्य लंबित ऋण मामलों का शीघ्र एवं अंतिम समाधान सुनिश्चित करना है।
ऋण समाधान का अवसर
लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से मामलों का निपटारा होने पर संबंधित ऋणधारकों को लंबी कानूनी प्रक्रिया, न्यायालय आने-जाने के खर्च एवं अनावश्यक मानसिक तनाव से राहत मिल सकती है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रबंधक श्री प्रशांत गौतम ने सभी नोटिस प्राप्त ऋणधारकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की झिझक के बिना 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित हों तथा बैंक द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे समझौता एवं छूट के अवसर का अधिकतम लाभ उठाकर अपने लंबित ऋण मामलों का निपटारा कराएं।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत में ऋण मामले के समाधान की इच्छुक जनता अपने नजदीकी बिहार ग्रामीण बैंक की शाखा से संपर्क कर सकती है, जहां उन्हें अपने ऋण खाते के संबंध में आवश्यक जानकारी, समझौते की प्रक्रिया तथा उपलब्ध छूट के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी।
बिहार ग्रामीण बैंक एवं व्यवहार न्यायालय, झंझारपुर की ओर से सभी संबंधित ऋणधारकों से अपील की गई है कि वे 12 सितंबर 2026 की राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेकर अपने लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान कराएं और कर्ज-मुक्ति की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ाएं।


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