. संतान की दीर्घायु के लिए व्रत, किसी के जीवन के लिए कुल 15 यूनिट ब्लड बैंक में हुआ रक्तदान
. सखी बहिनपा की अनोखी पहल - व्रत से पहले दिया जीवनदान का संकल्प
. नेशनल वॉलंटरी ब्लड डोनेशन पखवाड़े पर महिलाओं और युवाओं ने दिखाई एकजुटता
जितिया से पहले सखियों ने रक्त देकर निभाया ममता का धर्म
सिटी रिपोर्टर : मधुबनी
27:09:2026
जितिया व्रत से एक सप्ताह पूर्व सामाजिक संस्था सखी बहिनपा ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन किया। भारत सरकार के नेशनल वॉलंटरी ब्लड डोनेशन डे पखवाड़े के तहत लगे इस शिविर में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर स्वेच्छा से रक्तदान किया।
शिविर में महिलाओं के साथ युवाओं, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं और शिक्षिकाओं ने भी उत्साह से भाग लिया। संस्था की अध्यक्ष आरती झा ने कहा कि जितिया व्रत संतान की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है, जबकि रक्तदान किसी अनजान की जिंदगी बचाता है। दोनों में ही ममता और जीवन की रक्षा का भाव है। इसी सोच के साथ सखियों ने व्रत से पहले रक्तदान का संकल्प लिया।
प्रभारी छाया मिश्रा ने बताया कि संस्था की अधिकांश सखियां जितिया व्रत रखती हैं, इसलिए व्रत के दौरान रक्तदान संभव नहीं होता। इसी कारण व्रत से पहले शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल सके।
ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. कुणाल कौशल ने संस्था की पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान सबसे बड़ी सामाजिक सेवा है। ब्लड बैंक कर्मियों की तत्परता से शिविर सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।



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